Paati Prem Bhari
जब प्रेम शब्दों में ढलता है, वह पाती बन जाता है – और जब वह पाती गुरुदेव के चरणों में समर्पित होती है, वह दिव्यता का रूप ले लेती है। Paati Prem Bhari कोई साधारण पुस्तक नहीं, यह एक आध्यात्मिक संकलन है —
उन सैकड़ों आत्माओं की अंतरतम पुकार, आभार, प्रार्थना और समर्पण का एक प्रेममय संग्राह।
यह पुस्तक, श्री परमहंस सतगुरु जी के श्रीचरणों में लिखी गई “पाती प्रेम भरी” भावनाओं की श्रृंखला है, जिसमें हर शब्द आत्मा के गहरे प्रेम से भीगा हुआ है।
इस ग्रंथ में:हृदय की गहराइयों से निकली 45 से अधिक पातियाँ हैंआत्मा की पुकार, पश्चाताप, भक्ति और आभार का मार्मिक चित्रण हैजीवन को गुरुचरणों में समर्पित करने की अद्भुत प्रेरणा है ।
यह पुस्तक उनके लिए है:
जो गुरु भक्ति में गहराई से उतरना चाहते हैं जो ध्यान, सिमरन और आत्म-शुद्धि के मार्ग पर चल रहे हैं जो जीवन में शांति, प्रेम और आत्मिक बल चाहते हैं Paati Prem Bhari को पढ़ते हुए ऐसा प्रतीत होता है जैसे स्वयं आत्मा बोल रही हो, जैसे प्रेम स्वयं शब्दों का रूप धरकर पाठक के सामने प्रकट हो गया हो।
🙏 यदि आप भी गुरुभक्ति के उस रस में भीगना चाहते हैं, जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है, तो यह पुस्तक आपके लिए है।”ॐ श्री परमहंसाय नमः” – यह नाम ही इस पुस्तक का जीवन है।