Drig Drishta Vivek
दृग दृष्टा विवेक””स्वयं को जानना ही परम ज्ञान है””दृग दृष्टा विवेक” एक गहन आध्यात्मिक ग्रंथ है जो हमें हमारे असली स्वरूप – साक्षी चेतना – से परिचित कराता है।
यह पुस्तक अद्वैत वेदांत के उस अनमोल सत्य को प्रकट करती है जिसमें दृग (देखने वाला) और दृश्य (देखी जाने वाली वस्तु) के भेद को समझाया गया है।
📖 इसमें आप जानेंगे:आत्मा और मन के बीच का सूक्ष्म अंतरभौतिक जगत और चेतना का अद्वैत संबंधसाक्षी भाव में जीने की कलादुख और मोह से मुक्ति का मार्गध्यान और आत्मबोध की वास्तविक प्रक्रिया
🌟 क्यों पढ़ें यह पुस्तक?
यदि आप जीवन के गहरे प्रश्नों के उत्तर खोज रहे हैं – मैं कौन हूँ? यह संसार क्या है?
परम सत्य क्या है? – तो यह पुस्तक आपके लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शक साबित होगी।
🙏 यह सिर्फ पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि आत्मा के जागरण की यात्रा है।”दृग दृष्टा विवेक” आपके भीतर उस परम शांति और आनंद का द्वार खोल सकती है, जिसे पाने के बाद और कुछ जानना बाकी नहीं रहता।
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